Hantavirus Outbreak on Cruise Ship: अटलांटिक में फंसे क्रूज शिप पर ‘हंतावायरस’ का कहर; 3 की मौत, WHO ने जताई इंसानों से इंसानों में संक्रमण की आशंका

Channelindiaone
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जेनेवा/केप वर्डे | 5 मई, 2026 | Hantavirus Outbreak on Cruise Ship: कोरोना महामारी की यादें अभी धुंधली भी नहीं हुई थीं कि समुद्र के बीचों-बीच एक क्रूज शिप पर फैले रहस्यमयी वायरस ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। अटलांटिक महासागर में ‘केप वर्डे’ के पास फंसे एक क्रूज शिप MV Hondius पर जानलेवा हंतावायरस (Hantavirus) के प्रकोप की पुष्टि हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सोमवार देर रात जारी एक बयान में चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा है कि इस वायरस का संक्रमण अब इंसानों से इंसानों में (Human-to-human transmission) फैलने का संदेह है।

इस जहाज पर अब तक सात मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से तीन लोगों की मौत हो चुकी है और एक यात्री की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

मौत का जहाज बना ‘MV Hondius’

जहाज पर सवार यात्रियों के लिए यह किसी डरावने सपने जैसा है। मार्च में अर्जेंटीना से शुरू हुई इस यात्रा में ज्यादातर ब्रिटिश, अमेरिकी और स्पेनिश नागरिक सवार हैं। वर्तमान में यह जहाज पश्चिम अफ्रीका के तट के पास खड़ा है, जहाँ कम से कम 147 यात्री और चालक दल के सदस्य पिछले कई दिनों से फंसे हुए हैं।

हादसे के मुख्य आंकड़े:

  • पुष्टि और संदेह: WHO के अनुसार, दो मामलों में हंतावायरस की पुष्टि हो चुकी है, जबकि पांच अन्य संदिग्ध मामले हैं।

  • मौत का आंकड़ा: मरने वालों में एक डच (नीदरलैंड) जोड़ा और एक जर्मन नागरिक शामिल है।

  • गंभीर स्थिति: एक ब्रिटिश नागरिक को असेंशन द्वीप से एयरलिफ्ट कर दक्षिण अफ्रीका ले जाया गया है, जहाँ उसका इलाज जारी है।

WHO की सबसे बड़ी चिंता: इंसानों से संक्रमण

हंतावायरस आमतौर पर चूहों और कृंतकों (Rodents) के मल-मूत्र के संपर्क में आने से फैलता है। इंसानों से इंसानों में इसका फैलना अत्यंत दुर्लभ माना जाता है। लेकिन इस क्रूज शिप पर जिस तरह से मामले बढ़े हैं, उसने विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है।

WHO की मारिया वान केरखोव ने बताया कि स्वास्थ्य अधिकारियों की प्राथमिकता अब उन दो बीमार क्रू मेंबर्स को जहाज से निकालना है जिन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत है। इसके लिए दो विशेष रूप से सुसज्जित चिकित्सा विमानों का उपयोग किया जा रहा है।

फ्लाइट के यात्रियों की तलाश जारी

WHO ने एक और बड़ा अलर्ट जारी करते हुए बताया कि वे उन लोगों की तलाश कर रहे हैं जिन्होंने सेंट हेलेना और जोहान्सबर्ग के बीच उस फ्लाइट में यात्रा की थी, जिसमें मरने वाली डच महिला सवार थी। अधिकारियों ने बताया कि “कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग” शुरू कर दी गई है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

जहाज पर कैसा है माहौल?

भले ही टूर ऑपरेटर का दावा है कि जहाज पर स्थिति “शांत” है और यात्री “धैर्य” बनाए हुए हैं, लेकिन सच्चाई कुछ और ही नजर आती है। जहाज पर मौजूद ट्रेवल व्लॉगर जेक रोसमरिन ने वहां व्याप्त डर और अनिश्चितता के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि लोग अपने केबिनों में कैद हैं और भविष्य को लेकर डरे हुए हैं।

वर्तमान में जहाज पर सख्त आइसोलेशन और स्वच्छता प्रोटोकॉल लागू हैं। योजना के मुताबिक, बीमारों को निकालने के बाद जहाज को स्पेन के कैनरी द्वीप समूह ले जाया जाएगा, जहाँ स्पेनिश अधिकारी पूरी महामारी विज्ञान जांच (Epidemiological investigation) करेंगे और पूरे जहाज को कीटाणुरहित (Disinfect) किया जाएगा।

क्या है हंतावायरस और कितना है खतरा?

हंतावायरस एक जानलेवा बीमारी है जो फेफड़ों और किडनी को प्रभावित करती है। हालांकि WHO ने दोहराया है कि आम जनता के लिए जोखिम अभी भी कम है, क्योंकि यह वायरस सामान्य परिस्थितियों में आसानी से नहीं फैलता।


क्रूज शिप हंतावायरस संकट: एक नज़र में

विवरण जानकारी
जहाज का नाम MV Hondius
स्थान अटलांटिक महासागर (केप वर्डे के पास)
कुल मामले 07 (3 मौत, 1 गंभीर, 3 हल्के लक्षण)
यात्रियों की राष्ट्रीयता ब्रिटिश, अमेरिकी, स्पेनिश, डच और जर्मन
अगला कदम कैनरी द्वीप समूह में पूरी जांच और सफाई

समुद्र के बीचों-बीच यह संकट वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। क्या हंतावायरस ने अपना स्वरूप बदल लिया है या यह केवल एक विशिष्ट परिस्थिति का परिणाम है, इसका पता कैनरी द्वीप पर होने वाली जांच के बाद ही चलेगा। फिलहाल, दुनिया की नजरें MV Hondius पर सवार उन 147 जिंदगियों पर टिकी हैं।

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