US Iran War Live: क्या UAE ने ईरान के तेल रिफाइनरी पर किया गुप्त हमला? डोनाल्ट ट्रंप के शांति प्रयासों को लगा बड़ा झटका

Channelindiaone
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दुबई/वाशिंगटन | 12 मई, 2026 | US Iran War Live: पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव के बीच एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) के दावों के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने फारस की खाड़ी में स्थित ईरान की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी पर गुप्त हवाई हमले किए हैं। यह खबर ऐसे समय में आई है जब दुनिया को लग रहा था कि क्षेत्र में शांति की कोई गुंजाइश बन रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला अप्रैल की शुरुआत में ईरान के लावन द्वीप (Lavan Island) पर स्थित रिफाइनरी को निशाना बनाकर किया गया था। दिलचस्प बात यह है कि यह उसी समय के आसपास हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पांच सप्ताह के सैन्य अभियान के बाद युद्धविराम (Ceasefire) की घोषणा की थी।

UAE की भूमिका पर उठते सवाल

अब तक UAE ने इस युद्ध में किसी भी प्रत्यक्ष सैन्य भागीदारी से इनकार किया है। हालांकि, WSJ की यह रिपोर्ट एक अलग ही कहानी बयां करती है। अगर ये दावे सच साबित होते हैं, तो यह न केवल ईरान और UAE के रिश्तों को गर्त में ले जाएगा, बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की एक नई लहर पैदा कर सकता है।

डोनाल्ड ट्रंप की बढ़ती हताशा और सैन्य विकल्प

वाशिंगटन से मिल रही खबरों के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के अड़ियल रुख और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की लगातार नाकेबंदी से बेहद निराश हैं। CNN की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप अब एक बार फिर से बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान (Combat Operations) शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।

ट्रंप का कहना है कि ईरानी नेता अक्सर समझौते के करीब पहुँचकर अपनी बात से पलट जाते हैं। हाल ही में उन्होंने ईरान के शांति प्रस्ताव को “कूड़ा” (Piece of Garbage) और “बेहद कमजोर” बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया था।

ईरान की परमाणु चेतावनी: 90% संवर्धन का खतरा

दूसरी ओर, ईरान ने भी दुनिया को डराना शुरू कर दिया है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रजाई ने चेतावनी दी है कि अगर उनके देश पर दोबारा हमला हुआ, तो ईरान यूरेनियम को 90% शुद्धता तक संवर्धित (Enrich) कर सकता है।

बता दें कि 90% संवर्धित यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में किया जाता है। यह चेतावनी स्पष्ट रूप से अमेरिका और इजरायल को पीछे हटने का संकेत है।

भारत के लिए क्या हैं इसके मायने? पेट्रोलियम मंत्री ने दी राहत

मिडिल ईस्ट के इस युद्ध ने वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मचा रखा है। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से गैस की कीमतों में 50% से अधिक का उछाल आया है। ऐसे में भारत के लिए चिंता स्वाभाविक है।

हालांकि, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देशवासियों को आश्वस्त किया है। नई दिल्ली में सीआईआई (CII) बिजनेस समिट के दौरान उन्होंने कहा:

“भारत में आपूर्ति की कोई समस्या नहीं है। हमारे पास 69 दिनों का कच्चा तेल, पर्याप्त LNG स्टॉक और 45 दिनों का LPG स्टॉक मौजूद है। हमने घरेलू उत्पादन को भी 36,000 टन से बढ़ाकर 54,000 टन प्रतिदिन कर दिया है।”

चीन की भूमिका और ट्रंप का दौरा

कल डोनाल्ड ट्रंप 9 साल के लंबे अंतराल के बाद चीन के दौरे पर जा रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर दबाव बनाएंगे कि वे ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए राजी करें। चूंकि चीन और ईरान के व्यापारिक रिश्ते गहरे हैं, इसलिए बीजिंग इस विवाद में एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है।

महंगाई से लड़ने का ट्रंप फॉर्मूला: गैस टैक्स सस्पेंड करने की तैयारी

अमेरिका में बढ़ती तेल कीमतों के कारण घरेलू स्तर पर ट्रंप को आलोचना झेलनी पड़ रही है। इससे निपटने के लिए उन्होंने ‘फेडरल गैस टैक्स’ को कुछ समय के लिए निलंबित करने का विचार किया है। उनका मानना है कि इससे आम जनता को महंगाई से तुरंत राहत मिलेगी।


प्रमुख घटनाक्रम: एक नज़र में

घटना विवरण
UAE का हमला लावन द्वीप (ईरान) की रिफाइनरी पर गुप्त स्ट्राइक।
होर्मुज संकट दुनिया का 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है, जो अभी बाधित है।
पाकिस्तान का इनकार पाकिस्तान ने उन दावों को खारिज किया कि उसने ईरानी सैन्य विमानों को पनाह दी है।
ट्रंप का चीन दौरा कल शी जिनपिंग से युद्ध और वैश्विक व्यापार पर होगी चर्चा।

मिडिल ईस्ट की यह जंग अब केवल दो देशों के बीच नहीं रह गई है। UAE की गुप्त भागीदारी और ईरान की परमाणु धमकी ने इस आग में घी डालने का काम किया है। आने वाले कुछ दिन वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए निर्णायक साबित होंगे।

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