वॉशिंगटन/बीजिंग, 13 मई, 2026 | Trump meets Xi: दुनिया भर की निगाहें एक बार फिर से दो महाशक्तियों के नेताओं पर टिकी हैं! अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, जो दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का नेतृत्व करते हैं, इस सप्ताह एक बार फिर से आमने-सामने होंगे। ट्रम्प की इस चीन यात्रा को दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण और उतार-चढ़ाव भरे संबंधों के नए दौर के रूप में देखा जा रहा है। यह यात्रा, 2017 के बाद किसी अमेरिकी नेता द्वारा की गई पहली यात्रा है, जो इस मुलाकात को और अधिक महत्वपूर्ण और रोमांचक बनाती है।
इस तीन-दिवसीय शिखर सम्मेलन में, दोनों नेताओं के बीच कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसमें यूएस-इजरायल युद्ध पर ईरान के रुख, व्यापार और टैरिफ, ताइवान की स्थिति और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं। इन मुद्दों पर दोनों देशों के अलग-अलग दृष्टिकोण हैं, जिससे चर्चा के परिणाम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
इस महत्वपूर्ण मुलाकात से पहले, हम आपको डोनाल्ड ट्रम्प और शी जिनपिंग के बीच अब तक हुई 6 महत्वपूर्ण मुलाकातों के इतिहास की जानकारी दे रहे हैं। ये मुलाकातें न केवल दोनों देशों के बीच संबंधों के बदलते स्वरूप को दर्शाती हैं, बल्कि यह भी बताती हैं कि कैसे ये दो सुपरपावर नेता दुनिया की राजनीति को प्रभावित करते हैं।
ट्रम्प और शी: अब तक हुई 6 मुलाकातों का रोमांचक इतिहास
1. मार-ए-लागो शिखर सम्मेलन (अप्रैल 2017, फ्लोरिडा): डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के बाद, यह दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की मुलाकात थी। मार-ए-लागो रिसॉर्ट में हुई इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच संबंधों के नए दौर की शुरुआत के रूप में देखा गया। इस दौरान, दोनों नेताओं ने व्यापार और उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दों पर चर्चा की। इस मुलाकात को ‘दोस्ती’ और ‘सहमति’ के दौर के रूप में याद किया जाता है, जहाँ ट्रम्प ने शी जिनपिंग को ‘मित्र’ और ‘शानदार’ बताया था।
2. जी20 शिखर सम्मेलन (जुलाई 2017, हैम्बर्ग): इस शिखर सम्मेलन के दौरान, दोनों नेताओं के बीच एक संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। इस दौरान, उन्होंने मार-ए-लागो में शुरू हुई चर्चाओं को आगे बढ़ाया और व्यापारिक मुद्दों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया। इस मुलाकात को मार-ए-लागो शिखर सम्मेलन की ‘अनुवर्ती’ (Follow-up) बैठक के रूप में देखा गया, जहाँ दोनों नेताओं ने अपनी ‘दोस्ती’ को और अधिक मजबूत करने का प्रयास किया।
3. जी20 शिखर सम्मेलन (नवंबर 2018, ब्यूनस आयर्स): इस शिखर सम्मेलन के दौरान, दोनों नेताओं के बीच एक और संक्षिप्त मुलाकात हुई। इस दौरान, उन्होंने मार-ए-लागो और हैम्बर्ग शिखर सम्मेलनों की चर्चाओं को आगे बढ़ाया और व्यापारिक मुद्दों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया। इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच एक ‘अस्थायी राहत’ (Temporary truce) के रूप में देखा गया, जहाँ दोनों नेताओं ने टैरिफ में बढ़ोत्तरी को रोकने पर सहमति जताई।
4. जी20 शिखर सम्मेलन (जून 2019, ओसाका): इस शिखर सम्मेलन के दौरान, दोनों नेताओं के बीच एक और महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। इस दौरान, उन्होंने मार-ए-लागो, हैम्बर्ग और ब्यूनस आयर्स शिखर सम्मेलनों की चर्चाओं को आगे बढ़ाया और व्यापारिक मुद्दों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया। इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच एक ‘पुनर्प्राप्ति’ (Resumption) के रूप में देखा गया, जहाँ दोनों नेताओं ने व्यापारिक वार्ता को फिर से शुरू करने पर सहमति जताई।
5. जी20 शिखर सम्मेलन (नवंबर 2019, रियाद): इस शिखर सम्मेलन के दौरान, दोनों नेताओं के बीच एक और संक्षिप्त मुलाकात हुई। इस दौरान, उन्होंने मार-ए-लागो, हैम्बर्ग, ब्यूनस आयर्स और ओसाका शिखर सम्मेलनों की चर्चाओं को आगे बढ़ाया और व्यापारिक मुद्दों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया। इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच एक ‘ठहराव’ (Stalemate) के रूप में देखा गया, जहाँ दोनों नेताओं ने टैरिफ में बढ़ोत्तरी को रोकने पर सहमति जताई।
6. जी20 शिखर सम्मेलन (नवंबर 2022, बाली): इस शिखर सम्मेलन के दौरान, दोनों नेताओं के बीच एक और महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। इस दौरान, उन्होंने मार-ए-लागो, हैम्बर्ग, ब्यूनस आयर्स, ओसाका और रियाद शिखर सम्मेलनों की चर्चाओं को आगे बढ़ाया और व्यापारिक मुद्दों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया। इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच एक ‘समाधान’ (Resolution) के रूप में देखा गया, जहाँ दोनों नेताओं ने व्यापारिक वार्ता को फिर से शुरू करने पर सहमति जताई।
इस बार क्या है खास?
इस बार की मुलाकात, मार-ए-लागो शिखर सम्मेलन की तरह ही, दोनों देशों के बीच संबंधों के नए दौर की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है। यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है, और इसमें कई संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसमें यूएस-इजरायल युद्ध पर ईरान के रुख, व्यापार और टैरिफ, ताइवान की स्थिति और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं। इन मुद्दों पर दोनों देशों के अलग-अलग दृष्टिकोण हैं, जिससे चर्चा के परिणाम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
इस मुलाकात के परिणाम, दोनों देशों के बीच संबंधों के भविष्य को निर्धारित करेंगे। यदि दोनों नेता इन मुद्दों पर सहमति बनाने में सफल होते हैं, तो यह दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार और शांति का प्रतीक होगा। यदि वे इन मुद्दों पर सहमति बनाने में असफल होते हैं, तो यह दोनों देशों के बीच तनाव को और अधिक बढ़ा देगा, जिसका असर दुनिया की राजनीति और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
इस महत्वपूर्ण मुलाकात से पहले, हम आपको डोनाल्ड ट्रम्प और शी जिनपिंग के बीच अब तक हुई मुलाकातों के इतिहास की जानकारी दे रहे हैं। ये मुलाकातें न केवल दोनों देशों के बीच संबंधों के बदलते स्वरूप को दर्शाती हैं, बल्कि यह भी बताती हैं कि कैसे ये दो सुपरपावर नेता दुनिया की राजनीति को प्रभावित करते हैं।

