नई दिल्ली | 14 मई, 2026 | Delhi Bus Gangrape: देश की राजधानी दिल्ली से एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने 2012 के निर्भया कांड की कड़वी यादें ताजा कर दी हैं। दिल्ली के रानी बाग इलाके में एक निजी स्लीपर बस के अंदर एक 30 वर्षीय महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) की वारदात को अंजाम दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 11 मई की रात की बताई जा रही है। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, पीड़िता पीतमपुरा इलाके की रहने वाली है और मंगोलपुरी की एक फैक्ट्री में काम करती है। घटना वाली रात वह काम खत्म करके पैदल अपने घर लौट रही थी।
करीब रात के समय जब वह सरस्वती विहार स्थित एक बस स्टॉप के पास पहुँची, तो वहां एक स्लीपर बस आकर रुकी। महिला ने बस के दरवाजे पर खड़े एक व्यक्ति से समय पूछा, जिसके बाद आरोपियों ने उसे जबरन बस के अंदर खींच लिया।
बस को सुनसान इलाके में ले जाकर की दरिंदगी
आरोपियों ने महिला को अगवा करने के बाद बस को नांगलोई की तरफ मोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान सुनसान रास्ते पर ड्राइवर और कंडक्टर ने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए। पीड़िता, जो शादीशुदा है और जिसके तीन बच्चे हैं, ने हिम्मत जुटाकर मामले की सूचना पुलिस को दी।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
दिल्ली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज की और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया। जांच के दौरान पुलिस ने उस स्लीपर बस को जब्त कर लिया है जिसमें इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया गया था। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि घटनाक्रम की पूरी कड़ियाँ जोड़ी जा सकें। अधिकारियों का कहना है कि वे हर संभावित पहलू से मामले की जांच कर रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में आक्रोश: ‘निर्भया’ की यादें ताजा
इस घटना ने दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कानून व्यवस्था को घेरा है।
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मनीष सिसोदिया का बयान: पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि दिल्ली में एक और ‘निर्भया’ जैसी घटना हुई है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि अब लड़कियां न स्कूलों में सुरक्षित हैं और न ही बसों में।
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सौरभ भारद्वाज की प्रतिक्रिया: दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने इसे दिल्ली के लिए बड़ी शर्मिंदगी बताया और कहा कि रात में समय पूछने के बहाने एक महिला को उठा लेना और फिर उसके साथ दरिंदगी करना कानून व्यवस्था के ध्वस्त होने का प्रमाण है।
2012 के जख्म फिर हुए हरे
यह मामला काफी हद तक 16 दिसंबर 2012 की उस रात की याद दिलाता है जब एक चलती बस में पैरामेडिकल छात्रा ‘निर्भया’ के साथ छह लोगों ने बर्बरता की थी। उस घटना के बाद देशभर में कड़े कानून बनाए गए थे, लेकिन इस तरह की ताजा वारदातें बताती हैं कि जमीनी स्तर पर खौफनाक मानसिकता में अब भी बदलाव नहीं आया है।
घटनाक्रम: एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
| वारदात का समय | 11-12 मई की रात |
| स्थान | रानी बाग और नांगलोई इलाका, दिल्ली |
| पीड़िता | 30 वर्षीय महिला, फैक्ट्री कर्मचारी |
| आरोपी | बस ड्राइवर और कंडक्टर (गिरफ्तार) |
| पुलिस कार्रवाई | बस जब्त, जांच जारी |
राजधानी में इस तरह की घटना का होना शासन और प्रशासन दोनों के लिए चेतावनी है। महिला सुरक्षा के दावों के बीच एक कामकाजी महिला का सुरक्षित घर न पहुँच पाना समाज के लिए एक बड़ा प्रश्नचिह्न है। अब देखना होगा कि आरोपियों को कितनी जल्दी और कितनी सख्त सजा मिलती है।

