Ajit Pawar Plane Crash Update: बारामती एयरक्राफ्ट क्रैश, उपमुख्यमंत्री अजित पवार की उड़ान में हादसा

Channelindiaone
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Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को लेकर जा रही विमान बारामती हवाई पट्टी पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बुधवार सुबह कई प्रयासों के बाद विमान को लैंडिंग के लिए क्लियरेंस मिला, लेकिन जैसे ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने लैंडिंग की अनुमति दी, विमान ने कोई जवाब नहीं दिया और रनवे के पास ही आग के गोले में बदल गया। इस दर्दनाक हादसे में विमान पर सवार सभी 5 लोगों की मौत हो गई।

मौसम और दृश्यता की चुनौती

सिविल एविएशन मंत्री K. Ram Mohan Naidu ने बताया कि विमान खराब दृश्यता में लैंडिंग की कोशिश कर रहा था। मंत्रालय ने अपने विस्तृत बयान में इस घटना के अंतिम मिनटों का वर्णन किया। हादसा Learjet 45 विमान के साथ हुआ, जो VSR Ventures Pvt Ltd का था।

बारामती हवाई पट्टी एक अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड है, जहां यातायात की जानकारी पूरी तरह ATC द्वारा नहीं, बल्कि स्थानीय फ्लाइंग ट्रेनिंग संस्थानों और प्रशिक्षकों के माध्यम से दी जाती है। इसका मतलब है कि किसी भी आपातकाल में निर्णय तुरंत ATC द्वारा नहीं बल्कि प्रशिक्षकों और पायलटों के अनुभव पर निर्भर रहते हैं।

अंतिम मिनटों की घटनाएँ

विमान, जिसका रजिस्ट्रेशन VI-SSK था, ने सुबह 8:18 बजे ATC से संपर्क किया। इसके बाद जब विमान एयरफील्ड के 30 नौटिकल मील दूरी पर था, पायलटों को “visual meteorological conditions” के तहत उतरने की अनुमति दी गई। पायलटों ने हवा की गति और दृश्यता के बारे में जानकारी मांगी। ATC ने बताया कि हवा शांत है और दृश्यता लगभग 3,000 मीटर है।

जैसे ही विमान रनवे 11 के पास पहुँचा, पायलटों ने बताया कि उन्हें रनवे दिखाई नहीं दे रहा। पहली लैंडिंग प्रयास के दौरान उन्होंने गो-अराउंड किया। इसके बाद ATC ने पायलटों से पूछा कि क्या रनवे दिखाई दे रहा है। उनका जवाब था, “रनवे अभी दिखाई नहीं दे रहा, जब दिखाई देगा तो कॉल करेंगे।”

कुछ ही सेकंड बाद पायलटों ने बताया कि रनवे दिखाई दे रहा है और 8:43 बजे उन्हें रनवे 11 पर लैंडिंग के लिए क्लियरेंस मिला।

लैंडिंग क्लियरेंस के बाद हादसा

मंत्रालय के अनुसार, पायलटों ने लैंडिंग क्लियरेंस का जवाब नहीं दिया। “They did not give a read-back of the landing clearance”, बयान में उल्लेख किया गया।

और बस एक मिनट के भीतर सौभाग्य ने साथ नहीं दिया। 8:44 बजे ATC ने रनवे 11 के पास आग के गोले देखे।

आपातकालीन सेवाएं तुरंत मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक विमान पूरी तरह आग में जल चुका था। किसी को भी बचाया नहीं जा सका।

AAIB ने शुरू की जांच

अधिकारियों ने तुरंत जांच शुरू कर दी। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, जिसमें लैंडिंग क्लियरेंस के बाद पायलट का ATC से संपर्क टूट जाना और मौसम की भूमिका शामिल है। Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) ने जांच की जिम्मेदारी संभाली है और DG-AAIB मौके पर पहुंच चुके हैं।

विमान और ऑपरेटर की जानकारी

विमान ऑपरेटर VSR Ventures Pvt Ltd एक Non-Scheduled Operator (NSOP) था, जिसका परमिट नंबर 07/2014 था। कंपनी के पास कुल सात Learjet 45, पांच Embraer 135BJ, चार King Air B200 और एक Pilatus PC-12 विमान शामिल हैं।

Learjet 45, जिस पर पवार सवार थे, 2010 में निर्मित हुआ था। DGCA ने फरवरी 2025 में इसका अंतिम नियामक ऑडिट किया था और कोई गंभीर मुद्दे नहीं पाए गए।

इस विमान के महत्वपूर्ण प्रमाणपत्रों की जानकारी इस प्रकार है:

  • Certificate of Airworthiness (CofA): 16 दिसंबर 2021

  • Certificate of Registration (CofR): 27 दिसंबर 2022

  • Airworthiness Review Certificate (ARC): 10 सितंबर 2025, वैधता 14 सितंबर 2026 तक

लैंडिंग की प्रक्रिया और रनवे पर मुश्किलें

बारामती एयरफील्ड पर लैंडिंग एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया है। यहाँ न तो पूरा ATC टावर है और न ही कंट्रोल सिस्टम पूरी तरह ऑटोमेटेड है। खराब दृश्यता में उतरना पायलटों के अनुभव और फुर्ती पर निर्भर करता है।

पायलटों ने कई बार रिपोर्ट किया कि रनवे दिखाई नहीं दे रहा। पहली कोशिश में गो-अराउंड किया गया, लेकिन जैसे ही रनवे दिखाई दिया, लैंडिंग के लिए क्लियरेंस मिला। दुर्भाग्य से, लैंडिंग क्लियरेंस के जवाब में कोई read-back नहीं हुआ और विमान रनवे के पास ही आग में घिर गया।

हादसे का मानवीय और प्रशासनिक असर

इस हादसे में केवल उपमुख्यमंत्री नहीं, बल्कि चार अन्य लोग भी मारे गए। इससे न सिर्फ राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर शोक की लहर दौड़ी, बल्कि हवाई सुरक्षा और गैर-नियंत्रित एयरफील्ड की प्रक्रियाओं पर भी सवाल उठे हैं।

सिविल एविएशन मंत्रालय ने बताया कि मामले की पूर्ण निष्पक्ष जांच की जाएगी और विमान और ऑपरेटर की प्रक्रियाओं की समीक्षा की जाएगी।

सुरक्षा और निगरानी की जरूरत

यह हादसा यह भी दर्शाता है कि छोटे और अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड पर लैंडिंग कितनी जोखिम भरी हो सकती है। मौसम, दृश्यता और पायलट का अनुभव इन परिस्थितियों में निर्णायक साबित होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रनवे और ATC के बीच संवाद की बाधा इस हादसे में मुख्य कारक हो सकता है।

AAIB की जांच से यह भी पता चलेगा कि विमान के तकनीकी पहलू, विमानन प्रमाणपत्र, और ऑपरेटर के कार्यप्रणाली में कोई कमी तो नहीं थी।


निष्कर्ष

बारामती में हुए इस दर्दनाक हादसे ने महाराष्ट्र और पूरे देश को झकझोर दिया है। हादसे के कारण अभी जांच के अधीन हैं, लेकिन यह स्पष्ट है कि खराब दृश्यता, सीमित नियंत्रण और लैंडिंग के दौरान पायलट का ATC से संपर्क टूटना मुख्य चुनौती रही।

उपमुख्यमंत्री अजित पवार की उड़ान पर यह त्रासदी यह याद दिलाती है कि हवाई सुरक्षा में हमेशा सतर्कता और मानक प्रक्रियाओं का पालन कितना महत्वपूर्ण है।

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