ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि ऊर्जा ठिकानों पर हमला हुआ तो होर्मुज़ स्ट्रेट बंद कर दिया जाएगा। ट्रंप ने 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। जानिए पूरी खबर और इसका वैश्विक असर।
News Desk /Imran Khan
मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और इसी बीच ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने साफ कहा है कि यदि अमेरिका ने उसके ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया, तो होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
IRGC ने अपने बयान में चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला हुआ तो यह समुद्री मार्ग तब तक नहीं खोला जाएगा, जब तक क्षतिग्रस्त ऊर्जा ढांचे को फिर से तैयार नहीं कर लिया जाता।
वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने स्थिति को लेकर अलग दृष्टिकोण रखा। उन्होंने कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट औपचारिक रूप से बंद नहीं है, लेकिन अमेरिका और इजराइल के आक्रामक रवैये के कारण जहाज इस रास्ते से गुजरने में हिचकिचा रहे हैं।
इससे पहले 21 मार्च को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ा अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने कहा था कि ईरान के पास होर्मुज़ स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने के लिए 48 घंटे का समय है। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो अमेरिका ईरान के प्रमुख पावर प्लांट्स पर हमले करेगा, जिसकी शुरुआत सबसे बड़े प्लांट से की जाएगी।
अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद से ईरान ने इस अहम समुद्री मार्ग पर लगभग नाकेबंदी जैसी स्थिति बना दी है। इसका सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है, जहां कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है।
गौरतलब है कि होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यह ईरान के तट से सटा हुआ है और फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी तथा अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल सप्लाई इसी रास्ते से होकर गुजरती है, इसलिए यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है।
अराग़ची का बयान: “स्ट्रेट बंद नहीं, लेकिन जहाजों में डर”
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने स्थिति को थोड़ा अलग तरीके से पेश करते हुए कहा कि:
- होर्मुज़ स्ट्रेट औपचारिक रूप से बंद नहीं है
- लेकिन अमेरिका और इजराइल के आक्रामक रवैये के कारण जहाज गुजरने से हिचक रहे हैं
👉 उनका कहना है कि मौजूदा हालात “सुरक्षा के डर” की वजह से बने हैं, न कि आधिकारिक नाकेबंदी से।
US ट्रंप की 48 घंटे की चेतावनी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 21 मार्च को ईरान को सख्त अल्टीमेटम देते हुए कहा था:
👉 “ईरान के पास 48 घंटे हैं होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने के लिए, अन्यथा उसके प्रमुख पावर प्लांट्स को निशाना बनाया जाएगा।”
सूत्रों के अनुसार:
- अमेरिका ने ईरान के बड़े ऊर्जा केंद्रों पर हमले की तैयारी कर ली है
- संभावित कार्रवाई सबसे बड़े पावर प्लांट से शुरू हो सकती है
तेल बाजार में उथल-पुथल
- हालिया तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
- ऊर्जा कंपनियों और शिपिंग सेक्टर में बढ़ी चिंता
- वैश्विक सप्लाई चेन पर बड़ा खतरा
🔥 स्थिति कितनी गंभीर?
- ईरान ने लगभग “आंशिक नाकेबंदी” जैसी स्थिति बना दी है
- अमेरिका और इजराइल की संभावित सैन्य कार्रवाई से हालात और बिगड़ सकते हैं
- यह टकराव वैश्विक युद्ध जैसी स्थिति की ओर बढ़ सकता है
विशेषज्ञों का मानना है कि:
- होर्मुज़ स्ट्रेट का बंद होना “ग्लोबल ऑयल शॉक” पैदा कर सकता है
- भारत जैसे तेल आयातक देशों पर इसका सीधा असर पड़ेगा
- कूटनीतिक समाधान ही एकमात्र रास्ता है

