नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता (India-EU FTA) भारतीय उपभोक्ताओं और निर्यातकों—दोनों के लिए बड़ी राहत लेकर आने वाला है। इस समझौते से लग्ज़री कारों, महंगी दवाओं, इलेक्ट्रॉनिक सामान और कई औद्योगिक उत्पादों की कीमतें आने वाले वर्षों में कम हो सकती हैं।
India-EU FTA कब लागू होगा?
हालांकि यह समझौता 27 जनवरी को पूरा हो गया है, लेकिन इसके वित्त वर्ष 2027-28 से लागू होने की संभावना है। इसके बाद आयात-निर्यात पर लगने वाले टैक्स (शुल्क) को चरणबद्ध तरीके से घटाया जाएगा।
लग्ज़री कारें होंगी सस्ती
यूरोप से आने वाली पूरी तरह आयातित कारों (CBU) पर अभी 110% तक ड्यूटी लगती है।
FTA लागू होने के बाद:
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15,000 यूरो (लगभग ₹16.3 लाख) से महंगी कारों पर ड्यूटी घटकर पहले साल में ~35-40% हो जाएगी
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बाद में इसे 10% तक लाया जाएगा
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यह छूट सालाना 2.5 लाख कारों तक सीमित होगी
इसका फायदा Mercedes, BMW, Audi, Maybach, AMG जैसी लग्ज़री कारों को मिलेगा।
कैंसर व गंभीर बीमारियों की दवाएँ सस्ती
यूरोप में बनी उन्नत दवाइयाँ और मेडिकल उपकरण अब कम कीमत पर भारत में मिल सकेंगे।
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कैंसर, कार्डियक और क्रिटिकल केयर की दवाइयाँ होंगी सस्ती
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मेडिकल मशीनरी की लागत घटेगी
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भारत में बनी दवाओं को 27 यूरोपीय देशों में नया बाज़ार मिलेगा
मोबाइल और हाई-टेक सामान होंगे किफायती
FTA के तहत यूरोप से आने वाले कई हाई-टेक प्रोडक्ट्स पर टैक्स खत्म होगा:
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मोबाइल फोन के पार्ट्स
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एयरक्राफ्ट स्पेयर पार्ट्स
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इलेक्ट्रॉनिक और मशीनरी आइटम
इससे भारत में बनने वाले मोबाइल और गैजेट्स की लागत घटेगी और ग्राहकों को सस्ते दाम पर मिल सकेंगे।
स्टील और केमिकल्स होंगे सस्ते
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आयरन, स्टील और केमिकल उत्पादों पर जीरो टैरिफ का प्रस्ताव
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कंस्ट्रक्शन और इंडस्ट्री सेक्टर में लागत घटेगी
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घर बनाने और प्रोजेक्ट्स की कीमतें कम हो सकती हैं
भारतीय निर्यात को मिलेगा बड़ा फायदा
यह समझौता भारत के लिए सिर्फ आयात नहीं, बल्कि निर्यात के लिहाज़ से भी बड़ी जीत है:
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यूरोप में भारतीय कपड़े, चमड़ा, ज्वेलरी को बड़ा बाज़ार
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MSME सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा
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“मेक इन इंडिया” को नई ताक़त

