वाशिंगटन/तेहरान | 5 मई, 2026 | Us Iran War live updates: खाड़ी क्षेत्र में शांति की उम्मीदें एक बार फिर धूमिल होती नजर आ रही हैं। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल जलमार्गों में से एक, ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz), फिर से युद्ध का मैदान बनता दिख रहा है। पिछले 24 घंटों में अमेरिका और ईरान के बीच हुई गोलाबारी ने एक महीने से चले आ रहे नाजुक सीज़फायर को गंभीर खतरे में डाल दिया है।
जहाँ अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) का दावा है कि वह जहाजों की सुरक्षा के लिए वहां मौजूद है, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है, जिसने तनाव को चरम पर पहुँचा दिया है।
ट्रंप की सख्त चेतावनी: “ईरान धरती से मिटा दिया जाएगा”
सीज़फायर की स्थिति पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए, राष्ट्रपति ट्रंप ने एक टीवी इंटरव्यू में ईरान को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि ईरान ने अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने की जुर्रत की, तो “उसे धरती के नक्शे से मिटा दिया जाएगा” (Blown off the face of the Earth)। ट्रंप की यह टिप्पणी तब आई जब उन्होंने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि अमेरिका हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षा प्रदान करेगा।
‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ बनाम ईरान का हमला
तनाव की शुरुआत तब हुई जब ट्रंप ने मंडे को “प्रोजेक्ट फ्रीडम” (Project Freedom) का एलान किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका Restricted Waterways से जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करेगा ताकि वे स्वतंत्र रूप से अपना व्यापार कर सकें।
ईरान ने इस कदम को उकसावे वाली कार्रवाई मानते हुए कड़ी चेतावनी दी थी। ईरान ने कहा था कि यदि कोई विदेशी सैन्य बल, विशेष रूप से “आक्रमणकारी अमेरिकी सेना”, हॉर्मुज जलडमरूमध्य की ओर बढ़ने या प्रवेश करने की कोशिश करती है, तो उन पर हमला किया जाएगा। इसके बाद ईरान ने कई क्रूज मिसाइलों, ड्रोन और छोटी नौकाओं के जरिए अमेरिकी नौसेना के जहाजों और उनकी सुरक्षा में चल रहे कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश की।
सैन्य झड़प: किसके दावे कितने सच?
यूएस सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैडली कूपर ने भी सीज़फायर की स्थिति पर स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा, लेकिन उन्होंने पुष्टि की कि अमेरिकी सेना हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक “रक्षात्मक बल” (Defensive Force) के रूप में तैनात है।
दोनों पक्षों के दावे इस प्रकार हैं:
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अमेरिका का दावा: अमेरिकी सेना ने सोमवार को हॉर्मुज जलडमरूमध्य में छह ईरानी छोटी नौकाओं को नष्ट कर दिया। बाद में ट्रंप ने इस संख्या को सात बताया। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने यह भी कहा कि अमेरिका के दो मर्चेंट जहाज सफलतापूर्वक गुजर गए और वे शिपिंग ट्रैफिक बहाल करने में मदद कर रहे हैं।
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ईरान का दावा: ईरान के सरकारी मीडिया ने अमेरिका के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया कि कोई भी नौका डुबोई गई है। उन्होंने अमेरिका के इस दावे को भी नकारा कि कोई अमेरिकी जहाज हॉर्मुज को पार कर पाया है। ईरान ने यह भी कहा कि उसकी नौसेना ने अमेरिकी युद्धपोतों के पास “चेतावनी भरे शॉट्स” दागे थे, जिसे पेंटागन ने नकार दिया।
UAE और ओमान भी लपेटे में: भारतीय नागरिक घायल
इस तनाव का असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहा। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने कहा कि अप्रैल की शुरुआत में सीज़फायर लागू होने के बाद से पहली बार उस पर ईरान की ओर से हमला हुआ है। UAE ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने 19 ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को नष्ट किया।
इस हमले ने फुजैरा ऑयल इंडस्ट्री जोन (Fujairah Oil Industry Zone) में एक “भीषण आग” लगा दी, जिसमें तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए। UAE ने ईरान पर ADNOC के एक खाली तेल टैंकर ‘बराका’ को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया। बाद में, ईरान के एक सैन्य अधिकारी ने स्पष्ट किया कि तेल सुविधा केंद्रों को निशाना बनाने की उनकी कोई पूर्व-नियोजित योजना नहीं थी। ओमान ने भी एक रिहायशी इमारत पर हमले की सूचना दी, हालांकि विस्तृत विवरण नहीं दिया गया।
शांति प्रस्ताव बनाम सैन्य गतिरोध
इन झड़पों के बीच, ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को 14-सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है। जहाँ अमेरिका ने दो महीने के सीज़फायर का सुझाव दिया है, वहीं ईरान चाहता है कि 30 दिनों के भीतर पूरी स्थिति का निपटारा हो।
तनाव पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने कहा कि हॉर्मुज में हो रही घटनाएं राजनीतिक विवादों के सैन्य समाधानों की सीमा को दर्शाती हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “हॉर्मुज की घटनाएं स्पष्ट करती हैं कि किसी राजनीतिक संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं हो सकता।”
तनाव का लेखा-जोखा: मुख्य बिंदु
| विवरण | जानकारी |
| ट्रंप का एलान | जहाजों की सुरक्षा के लिए “प्रोजेक्ट फ्रीडम”। |
| ट्रंप की धमकी | अमेरिकी जहाजों पर हमला किया तो “ईरान धरती से मिटा दिया जाएगा”। |
| सैन्य झड़प | अमेरिका का 6-7 नौकाएं डुबोने का दावा, ईरान का इनकार। |
| क्षेत्रीय प्रभाव | UAE पर हमला, फुजैरा में 3 भारतीय घायल। |
| शांति प्रयास | ईरान का 14-सूत्रीय शांति प्रस्ताव। |
हॉर्मुज जलडमरूमध्य का संकट एक बार फिर चरम पर है। राष्ट्रपति ट्रंप के कड़े शब्दों और हकीकत में हुई गोलाबारी ने यह साफ कर दिया है कि सीज़फायर अत्यंत नाजुक दौर में है। जब तक दोनों पक्ष बातचीत की मेज पर ठोस समाधान नहीं निकालते, तब तक खाड़ी क्षेत्र पर युद्ध के बादल मंडराते रहेंगे।

