मुख्य बिंदु: एक नज़र में
| घटना | विवरण |
| बड़ी कार्रवाई | कांग्रेस के 8 सांसद सदन से निलंबित। |
| प्रमुख आरोप | भारत-अमेरिका ट्रेड डील में सरकार पर दबाव का दावा। |
| विवाद | जनरल नरवणे की डायरी और मणिकर्णिका घाट मुद्दा। |
| अगला कदम | 4 फरवरी को पीएम मोदी का संसद में संबोधन। |
नई दिल्ली: बजट सत्र के दौरान संसद का माहौल आज पूरी तरह गरमाया रहा। लोकसभा में अनुशासनहीनता और हंगामे के चलते एक बड़ा कदम उठाते हुए कांग्रेस के 8 सांसदों को निलंबित कर दिया गया है। इन सांसदों पर सदन की मेज पर खड़े होने और आसन (Chair) की ओर कागज उछालने का आरोप है।
अनुशासनहीनता पर गिरी गाज
सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्षी सदस्यों के कड़े विरोध के बीच स्थिति तब बेकाबू हो गई जब कुछ सांसद वेल में आ गए। स्पीकर ने इस घटना को संसदीय मर्यादा का उल्लंघन बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की।
निलंबित होने वाले प्रमुख चेहरे:
निलंबित किए गए 8 सांसदों में मणिकम टैगोर, गुरजीत ओजला, राजा वारिंग, हिबी ईडन, किरण रेड्डी और वेंकट रमन जैसे नाम शामिल हैं। आसन ने स्पष्ट किया कि बजट सत्र जैसे महत्वपूर्ण समय पर इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राहुल गांधी का सरकार पर सीधा हमला: ‘ट्रेड डील में दबाव’
सदन के भीतर और बाहर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए।
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दबाव की राजनीति: राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर इस डील को जल्दबाजी में पूरा करने का “भारी दबाव” था। उन्होंने दावा किया कि जो समझौता महीनों से अटका हुआ था, उसे अचानक किन शर्तों पर पूरा किया गया, यह संदिग्ध है।
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किसानों का मुद्दा: उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस डील के जरिए भारतीय किसानों की मेहनत का सौदा कर लिया है।
पूर्व सेना प्रमुख की किताब पर टकराव
सदन में हंगामा तब और बढ़ गया जब राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे के अप्रकाशित संस्मरणों (Unpublished Memoirs) का हवाला देते हुए एक पत्रिका के लेख को प्रमाणित करने की कोशिश की। भाजपा सदस्यों ने इस पर कड़ा विरोध जताया और तर्क दिया कि जो सामग्री अभी प्रकाशित ही नहीं हुई है, उसे संसद के रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया जा सकता। इस दौरान भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर भी तीखी नोकझोंक हुई।
मणिकर्णिका घाट पुनर्विकास पर सपा का विरोध
सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, समाजवादी पार्टी (SP) के सांसदों ने भी सदन में मोर्चा खोला। सपा सांसदों ने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास कार्य का विरोध किया।
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उन्होंने इसे 18वीं सदी की महारानी अहिल्याबाई होलकर का अपमान बताया।
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सांसदों ने सदन के भीतर उनकी तस्वीरें दिखाईं, जिस पर आसन ने आपत्ति जताई और कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।
कल पीएम मोदी देंगे जवाब
संसद में जारी इस गतिरोध के बीच सबकी नजरें कल यानी 4 फरवरी पर टिकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर ‘धन्यवाद प्रस्ताव’ (Motion of Thanks) का जवाब देंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि पीएम विपक्ष के हर आरोप का करारा जवाब देंगे, जिससे कल का सत्र भी काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं।

