RCA चुनाव: अध्यक्ष पद पर धनंजय सिंह खींवसर और बृजकिशोर उपाध्याय में सीधी टक्कर, आज मतदान और नतीजा

"आज तय होगा आरसीए का नया बॉस"

Channelindiaone
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"आज तय होगा आरसीए का नया बॉस"

जयपुर। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के 2026-29 कार्यकाल के चुनाव में अब मुकाबला दो उम्मीदवारों के बीच रह गया है। नामांकन वापसी के बाद अध्यक्ष पद की लड़ाई धनंजय सिंह खींवसर और बृजकिशोर उपाध्याय के बीच सिमट गई है। मतदान आज, 29 सितंबर को होना है।

नाम वापसी के बाद बदली तस्वीर

नाम वापसी के अंतिम दिन 18 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस लिए। इसके बाद अध्यक्ष समेत सभी छह पदों पर केवल दो-दो उम्मीदवार मैदान में रह गए। यानी छह पदों के लिए कुल 12 प्रत्याशी हैं और हर पद पर आमने-सामने का मुकाबला है।

इससे पहले स्थिति काफी अलग थी। 27 सितंबर को सहायक चुनाव अधिकारी आर.एस. हाडा के अनुसार सभी 30 नामांकन पत्र वैध पाए गए थे। अध्यक्ष पद के लिए धनंजय सिंह खींवसर, दीनदयाल कुमावत, पराक्रम सिंह राठौड़, राजेश सारस्वत और बृज किशोर उपाध्याय के नामांकन सही मिले थे। यानी पांच दावेदार थे, जो नाम वापसी के बाद घटकर दो रह गए।

किस पद पर किसके बीच मुकाबला

छह पदों पर स्थिति इस प्रकार है: अध्यक्ष पद पर धनंजय सिंह खींवसर बनाम बृजकिशोर उपाध्याय। उपाध्यक्ष पद पर मोहित यादव बनाम रतन सिंह शेखावत। सचिव पद पर पिंकेश कुमार जैन बनाम मोहित यादव। संयुक्त सचिव पद पर विनोद सहारण बनाम राजेश सारस्वत। कोषाध्यक्ष पद पर आशीष तिवाड़ी बनाम विष्णु प्रकाश अग्रवाल। कार्यकारिणी सदस्य पद पर धर्मवीर सिंह शेखावत बनाम अरिष्ट सिंघवी।

अलग-अलग रिपोर्टों में कुछ पदों के नाम अलग-अलग दर्ज हैं, इसलिए अंतिम आधिकारिक सूची RCA या चुनाव अधिकारियों से मिलान कर लेना बेहतर होगा।

राजनीतिक परिवारों की मौजूदगी

इस चुनाव की सबसे बड़ी चर्चा राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को लेकर है। अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर और बृज किशोर उपाध्याय के बीच है। दैनिक नवज्योति के अनुसार यह भाजपा से जुड़े दो खेमों के बीच सीधा मुकाबला है।

नामांकन के समय मंत्रियों और नेताओं के बेटे भी मैदान में थे। इनमें स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर, पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह राठौड़ और सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे आशीष तिवाड़ी शामिल थे।

सुलह की कोशिशें नाकाम

पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को सुलह-समझौते की सभी कोशिशें नाकाम रहीं। सत्ता-संगठन के करीब माने जा रहे बृजकिशोर उपाध्याय पैनल के सामने मंत्री, सांसद और विधायक पुत्रों ने मोर्चा खोल दिया। धनंजय खींवसर के साथ उनके पैनल में राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के पुत्र आशीष तिवाड़ी और भाजपा विधायक जसवंत यादव के पुत्र मोहित यादव डटे रहे। इसे सत्ता-संगठन के लिए सीधी चुनौती माना जा रहा है, और राजनीतिक गलियारों में इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं।

भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ के पुत्र पराक्रम सिंह और उनके पैनल ने नाम वापस लेकर सत्ता समर्थित पैनल को समर्थन दिया। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के पुत्र पवन दिलावर ने भी नामांकन वापस ले लिया। पराक्रम गुट से कार्यकारिणी सदस्य पद के उम्मीदवार धर्मवीर सिंह शेखावत मैदान में बने हुए हैं, और उनके धनंजय गुट के साथ जाने की चर्चा है। पहले चुनाव में तीन गुट माने जा रहे थे: धनंजय गुट, पराक्रम गुट और उपाध्याय खेमा। पराक्रम गुट के हटने से अब मुकाबला दो पैनलों के बीच है।

मतदान की प्रक्रिया

सुबह 11 बजे RCA की वार्षिक आमसभा (AGM) होगी, जिसमें 36 जिला क्रिकेट संघों के प्रतिनिधि और 2 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भाग लेंगे। AGM के बाद सुबह 11:30 बजे से मतदान शुरू होगा, और मतदान के बाद उसी दिन नतीजे घोषित किए जाने हैं। चुनाव आरसीए एकेडमी में हो रहा है। RCA ने 2026-29 चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची भी जारी की है।

चूंकि मतदाता जिला संघों के प्रतिनिधि और खिलाड़ी हैं, इसलिए नतीजे काफी हद तक जिला स्तर के समीकरणों और गुटीय गणित पर टिके हैं।

अदालती विवाद और आरोप

चुनाव से पहले कई विवाद भी सामने आए। सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट संघ के प्रतिनिधित्व को लेकर विवाद हुआ था। राजस्थान हाईकोर्ट ने 10 सितंबर को अंतरिम आदेश में 21 जुलाई 2024 को निर्वाचित संघ के एक गुट को आमसभा और चुनाव में अंतरिम रूप से भाग लेने की अनुमति दी। यह अनुमति अंतिम न्यायिक निर्णय के अधीन है। दौसा और सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन की दो याचिकाओं पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। इसलिए अदालत की कार्यवाही का असर प्रक्रिया पर पड़ सकता है।

कुमावत ने चुनाव प्रक्रिया पर आरोप लगाया कि नियमों को ताक पर रखकर तीन जिलों को जोड़ा गया और अनियमितताएं हुईं। उन्होंने चुनाव अधिकारियों पर बेईमानी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही। ये आरोप अभी उन्हीं के पक्ष के हैं, और चुनाव अधिकारियों का पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।

क्यों अहम है यह चुनाव

RCA राजस्थान की रणजी टीम और राज्य में क्रिकेट के ढांचे का संचालन करता है। राजस्थान क्रिकेट टीम ने 2010-11 और 2011-12 में रणजी ट्रॉफी जीती थी, और जयपुर का सवाई मानसिंह स्टेडियम उसका घरेलू मैदान है। ऐसे में नई कार्यकारिणी पर राज्य में क्रिकेट के विकास, जिलों में सुविधाओं, घरेलू टूर्नामेंट के आयोजन और खिलाड़ियों के चयन की पारदर्शिता जैसी जिम्मेदारियां रहेंगी।

क्रिकेट संघों के चुनावों में राजनीतिक दखल पर लंबे समय से बहस चलती रही है। इस बार भी मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के परिवारों की सक्रियता से यह सवाल उठ रहा है कि खेल प्रशासन में राजनीतिक प्रभाव कितना होना चाहिए। दूसरी ओर, समर्थकों का तर्क रहता है कि ऐसे उम्मीदवारों के पास संसाधन और प्रशासनिक अनुभव होता है।

अब निगाहें नतीजों पर

अब सबकी नजर इस पर है कि जिला संघों के प्रतिनिधि किस पैनल को बहुमत देते हैं और अदालत की सुनवाई का चुनाव पर क्या असर पड़ता है। आज शाम तक साफ हो जाएगा कि RCA की नई कार्यकारिणी की कमान किसके हाथ में जाएगी।

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