भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के निशातपुरा इलाके में रूह कंपा देने वाली एक वारदात सामने आई है। यहाँ एक खाली पड़े प्लॉट की पानी की टंकी (सेप्टिक टैंक) में एक लोहे का बक्सा तैरता मिला, जिसे खोलने पर पुलिस के भी होश उड़ गए। बक्से के अंदर एक 33 वर्षीय महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ है। पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर इस गुत्थी को सुलझाने का दावा किया है, जिसमें प्यार, धोखा और ब्लैकमेलिंग का एक काला सच निकलकर सामने आया है।
क्या है पूरा मामला?
मृतक महिला की पहचान महाराष्ट्र के गोंदिया जिले की रहने वाली अशरफी उर्फ सिया के रूप में हुई है। पुलिस जांच के अनुसार, सिया की हत्या सोमवार (9 फरवरी 2026) को ही कर दी गई थी। उसकी गला दबाकर हत्या करने का आरोप उसके प्रेमी समीर पर लगा है, जिसने साक्ष्य मिटाने के लिए अपने परिवार के साथ मिलकर शव को लोहे के बक्से में बंद कर टैंक में फेंक दिया था।
इंस्टाग्राम से शुरू हुआ था ‘मौत का सफर’
जांच में खुलासा हुआ कि करीब एक साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए सिया और समीर की मुलाकात हुई थी। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई। समीर के प्यार में अंधी होकर सिया करीब तीन महीने पहले अपना घर छोड़कर भोपाल आ गई थी। उसे लगा था कि वह एक नई जिंदगी शुरू कर रही है, लेकिन उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि समीर पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं।
विवाद, ब्लैकमेलिंग और खौफनाक साजिश
समीर के कमला नगर स्थित घर में सिया के रहने के बाद से ही कलह शुरू हो गई थी। समीर की पत्नी और सिया के बीच आए दिन झगड़े होने लगे। तनाव इतना बढ़ा कि समीर की पत्नी अपने मायके जबलपुर चली गई।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक:
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सिया, समीर पर शादी का दबाव बना रही थी।
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कथित तौर पर सिया ने शादी न करने के बदले 5 लाख रुपये की मांग की थी और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी थी।
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सोमवार शाम को इसी बात पर विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में आकर समीर ने सिया का गला घोंट दिया।
सबूत मिटाने में परिवार ने दिया साथ
हत्या के बाद समीर ने कथित तौर पर अपने भाई, माँ और बहन की मदद ली। शव को एक बड़े लोहे के बक्से में ठूसा गया और रात के अंधेरे में पड़ोस के एक खाली प्लॉट में बने सेप्टिक टैंक में फेंक दिया गया।
खुलासा कैसे हुआ? गुरुवार (12 फरवरी) की शाम को टैंक के पास खेल रहे बच्चों को तेज दुर्गंध आई। स्थानीय लोगों ने जब झाँक कर देखा तो पानी में एक बक्सा तैर रहा था। सूचना मिलने पर निशातपुरा पुलिस मौके पर पहुँची और शव को बाहर निकाला।
टैटू से हुई पहचान
शव काफी हद तक सड़ चुका था, जिससे चोट के निशान साफ नहीं दिख रहे थे। हालांकि, महिला के हाथ पर बने एक खास दीये (Lamp) के टैटू और उस पर लिखी जन्मतिथि ’26 मई 1992′ की मदद से उसकी शिनाख्त हो सकी।
पुलिस की कार्रवाई
निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा ने बताया कि शुरुआती जांच में मौत का कारण गला घोंटना (Strangulation) प्रतीत हो रहा है। फिलहाल मुख्य आरोपी समीर फरार है, लेकिन पुलिस ने शव को ठिकाने लगाने में मदद करने के आरोप में उसके भाई, माँ और बहन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को संदेह है कि परिवार के अन्य सदस्यों को भी इस अपराध की जानकारी थी।
नोट: पुलिस ने यह भी बताया कि सिया की पहले भी तीन शादियां हो चुकी थीं। मामले की पूरी सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

