पणजी/गोवा: गोवा के अस्सागाओ (Assagao) में सोमवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एक तेज रफ्तार महिंद्रा थार (Mahindra Thar) ने भोपाल से आए पर्यटकों की हुंडई i20 को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि कार के परखच्चे उड़ गए। इस हादसे में भोपाल निवासी 65 वर्षीय भगत राम शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई।
हालांकि, यह मामला सिर्फ एक दुर्घटना का नहीं रह गया है। स्थानीय चश्मदीदों के चौंकाने वाले दावों ने पुलिस जांच पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, घटना अस्सागाओ के ‘हैप्पी बार जंक्शन’ पर हुई। भोपाल के रहने वाले शौर्य गोयल (19 वर्ष) को पुलिस ने मुख्य आरोपी बनाया है। पुलिस की FIR के मुताबिक, शौर्य किराए की लाल रंग की थार (GA-03-V-5695) को लापरवाही और तेज रफ्तार से चला रहा था, जिसने सामने से आ रही i20 को टक्कर मार दी।
हादसे के वक्त i20 में सवार अन्य दो यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं, जबकि कार में मौजूद एक पांच महीने का मासूम चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच गया।
चश्मदीदों का दावा: ‘ड्राइवर सीट पर लड़की थी’
इस केस में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब स्थानीय लोगों ने मीडिया के सामने आकर बयान दिया। चश्मदीदों का आरोप है कि एक्सीडेंट के वक्त थार को एक युवती चला रही थी। टक्कर लगने के तुरंत बाद, गिरफ्तारी से बचाने के लिए युवती और युवक ने आपस में सीटें बदल लीं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि एक्सीडेंट के बाद एक युवक थार से बाहर निकलता है और फोन पर किसी से कहता है, “पापा, मैं जंक्शन पर था…”। वीडियो में थार के अंदर तीन और महिलाएं भी नजर आ रही हैं।
जांच के घेरे में ‘सीट स्वाइप’ का सच
पुलिस ने फिलहाल धारा 304A (लापरवाही से मौत) और खतरनाक ड्राइविंग के तहत मामला दर्ज कर लिया है। लेकिन स्थानीय लोगों के आरोपों ने मामले को ‘रोड रेज’ और ‘साजिश’ की ओर मोड़ दिया है।
पुलिस जांच के मुख्य बिंदु:
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वीडियो फुटेज: वायरल वीडियो और आसपास के CCTV कैमरों की जांच की जा रही है।
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फॉरेंसिक साक्ष्य: एयरबैग खुलने के समय सीट पर कौन बैठा था, इसकी तकनीकी जांच हो सकती है।
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गवाहों के बयान: पुलिस चश्मदीदों के दावों की सत्यता परख रही है।
निष्कर्ष
गोवा जैसे पर्यटन स्थल पर किराए के वाहनों (Rental Cars) की बेकाबू रफ्तार आए दिन मासूमों की जान ले रही है। अगर चश्मदीदों की बात सच साबित होती है, तो यह कानून को गुमराह करने का एक गंभीर मामला बन सकता है। फिलहाल, मृतक का परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है।

